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२०२६ का विंछुड़ो

विंछुडो २०२६ की तिथि – जब चंद्रमा वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है

विंछुडो एक पारंपरिक चंद्र आधारित समय है जो मुख्य रूप से गुजरात में माना जाता है। यह तब प्रारंभ होता है जब चंद्रमा निरयन पद्धति के अनुसार वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है।

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है। वृश्चिक राशि में चंद्रमा नीच का माना जाता है, इसलिए इस गोचर को संवेदनशील समय माना जाता है।

खगोलीय आधार

जब चंद्रमा २१०° निरयन राशि पर पहुँचता है, तब वह वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है। उसी क्षण से विंछुडो प्रारंभ माना जाता है। इसकी गणना पंचांग और खगोलीय गणना से की जाती है।

ज्योतिषीय महत्व

वृश्चिक में चंद्रमा भावनात्मक तीव्रता दर्शाता है। इस समय मानसिक अस्थिरता या जल्दबाजी के निर्णय हो सकते हैं। परंतु प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करता है।

क्या विंछुडो पंचक है?

नहीं। विंछुडो चंद्रमा के वृश्चिक राशि में प्रवेश पर आधारित है, जबकि पंचक अंतिम पाँच नक्षत्रों के गोचर से बनता है। कभी-कभी दोनों साथ आ सकते हैं, लेकिन दोनों अलग अवधारणाएँ हैं।

विंछुडो कब शुरू होता है?

जब चंद्रमा वृश्चिक राशि में प्रवेश करता है।

यह कब समाप्त होता है?

जब चंद्रमा धनु राशि में प्रवेश करता है।

क्या यह सभी पर समान प्रभाव डालता है?

नहीं। इसका प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करता है।

क्या यह वैज्ञानिक रूप से देखा जा सकता है?

खगोलीय रूप से यह चंद्रमा की स्थिति पर आधारित है, जबकि उसका प्रभाव पारंपरिक ज्योतिष सिद्धांतों से व्याख्यायित होता है।