



वैदिक ज्योतिष में चंद्रबल का अर्थ है जन्म राशि से वर्तमान चंद्रमा की स्थिति का बल। यह देखा जाता है कि आज का दिन आपके लिए कितना शुभ या अशुभ है।
जन्म राशि से वर्तमान गोचर चंद्रमा की दूरी गिनकर चंद्रबल निर्धारित किया जाता है।
पंचांग में सभी १२ राशियों के लिए चंद्रबल दिखाया जाता है ताकि व्यक्ति अपनी जन्म राशि के अनुसार परिणाम देख सके।
नया कार्य प्रारंभ करने, यात्रा, साक्षात्कार, विवाह वार्ता या धार्मिक कार्यों से पहले चंद्रबल देखा जाता है।
मजबूत चंद्रबल मानसिक स्थिरता और सफलता का संकेत देता है, जबकि कमजोर चंद्रबल बाधाएँ दर्शा सकता है।
अपनी जन्म राशि जानकर और आज के गोचर चंद्रमा की राशि से तुलना करके चंद्रबल देखा जाता है। पंचांग में १२ राशियों के लिए चंद्रबल उपलब्ध होता है।
कमजोर चंद्रबल मानसिक तनाव या कार्य में बाधा दे सकता है। ऐसे समय में महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए और शिव या चंद्र उपासना करना लाभकारी माना जाता है।
हाँ, महत्वपूर्ण कार्यों के लिए दोनों देखना शुभ माना जाता है। चंद्रबल राशि आधारित है जबकि ताराबल नक्षत्र आधारित होता है।